इस कारण स्टेट GST विभाग ने शहर के ट्रांसपोर्टरों को बुलाया, कार्रवाई ने किया व्यापारियो को दंग

इस कारण स्टेट GST विभाग ने शहर के ट्रांसपोर्टरों को बुलाया, कार्रवाई ने किया व्यापारियो को दंग

स्टेट GST (वाणिज्यकर) विभाग ने मंगलवार को शहर के ट्रांसपोर्टरों को GST में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए व पंजीकरण के फायदे गिनाने के लिए बुलाया, लेकिन इस मीटिंग में उनका दर्द सामने आ गया.

ट्रांसपोर्टरों ने एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन से बोला कि बसों में माल भरकर ले जाया जा रहा है, लेकिन सचल दल ट्रांसपोर्टरों को परेशान कर रहे हैं. बस कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं हो रही.

मंगलवार को एडीशनल कमिश्नर ग्रेड वन राकेश श्रीवास्तव ने बोला कि 35 हजार GST रजिस्ट्रेशन कराने में ट्रांसपोर्टर योगदान करें. कोई भी ट्रांसपोर्टर आधार कार्ड पर माल न ले जाए. उन पार्टियों को जो आधार कार्ड पर माल मंगाते हैं, उनसे GST में रजिस्ट्रेशन के लिए कहें. जो लोग आधार का उपयोग कर रहे हैं. उनकी सूचना विभाग को दें.

आगरा गुड्स कैरियर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बोला कि ट्रांसपोर्ट की गाड़ी में एक माल के प्रपत्र में गलती होने पर पूरी गाड़ी रोक ली जाती है. एक्सपोर्ट व विवाह के लिए ले जाए जा रहे माल को ऐसे रोकने पर कंपनियां ट्रांसपोर्टरों को माल देना बंद कर रही हैं. ट्रांसपोर्टरों का आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है. एडीशनल कमिश्नर ने उनकी बात GST काउंसिल तक पहुंचाने का भरोसा दिया.

आगरा रिटेल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार चरणजीत सिंह ने बोला कि सारे प्रपत्र होने पर भी सचल दल परेशान करते हैं. इस पर संयुक्त आयुक्त केएन पाल व एके श्रीवास्तव ने बोला कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी सीधे उन्हें दें.

ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध तुरंत कार्रवाई की जाएगी. मीटिंग में रमेश शर्मा, अजय तिवारी, नरेश वर्मा, हिमांशु कौशिक, शिव सिंह, केवल डाबर, एसएल जैन, हुकुम सिंह, विकास गुप्ता आदि उपस्थित रहे.