सबसे पहले इस देश में लांच होगी सुजुकी जिम्नी लाइट, एसयूवी की डिटेल जानकारी आई सामने

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Honda ने अपनी नई 2022 Monkey मोटरसाइकिल को ग्लोबल मार्केट में अनवील कर दिया है। इस मोटरसाइकिल में ग्राहकों को काफी सारे बदलाव देखने को जिससे उन्हें एक बेहतर राइडिंग एक्सपीरियंस मिलेगा। आपको बता दें कि मोटरसाइकिल अब नये यूरो-5 कम्प्लायंट इंजन से लैस होगी।

2022 Monkey का आउटपुट पहले जैसा ही रहने वाला है, हालांकि इसके इंजन में काफी इम्प्रूवमेंट देखने को मिलेगा जिनमें हायर कम्प्रेशन रेशियो, एक नया एयरबॉक्स और पहले से बेहतर एयर फ्लो के लिए इंटेक दिया गया है। ये बदलाव यूरो 5 के कड़े मानदंडों के अनुपालन को प्राप्त करने के लिए किए गए हैं। सभी नए अपडेट के साथ, पावरट्रेन 9.2 बीएचपी की अधिकतम शक्ति की आपूर्ति करना जारी रखता है जो अब 6,750 आरपीएम पर उपलब्ध है और 11 एनएम का पीक टॉर्क जो 5,500 आरपीएम पर आता है। इस इंजन में अब लो फ्रिक्शन कोटिंग्स, ऑफसेट सिलेंडर और रोलर-रॉकर वाल्व गियर मिलता है।

नई Monkey में एक एडीशनल गियर दिया गया है जिसके साथ अब ये 5 स्पीड गियरबॉक्स के साथ अवेलेबल है। अन्य अपडेट्स की बात करें तो कार के अन्य अपडेट में एक ट्वीक्ड सस्पेंशन शामिल है, जिसमें रियर शॉक्स में टू-स्टेज स्प्रिंग और रिवाइज्ड डैम्पर रबर्स मिलते हैं। इस मोटरसाइकिल में अब 175 mm का ग्राउंड क्लियरेंस मिलता है।

अन्य अपडेट्स की बात करें तो इस मोटरसाइकिल में ग्राहकों को इंडिकेटर के साथ फुल एलईडी लाइटिंग और एक एलसीडी इंस्ट्रूमेंट कंसोल दिया जाता है। यह पहले की तरह ही क्रोम वाले हाई-राइज हैंडलबार और फ्रेम, स्विंगआर्म, बॉडी-कलर्ड शॉक एब्जॉर्बर, सिंगल-सीट और मूंगफली के आकार के फ्यूल टैंक के साथ आता है।

नए अपडेट्स के साथ अब Monkey पहले से काफी हल्की हो गई है जिसका वजन 107 से 104 kg हो गया है। इसमें पहले की तरह ही इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट के साथ ABS सेफ्टी किट शामिल है। 


RERA के बारे में 70 फीसद उपभोक्ताओं को जानकारी, शिकायत निवारण से सिर्फ 22 फीसद खुश

RERA के बारे में 70 फीसद उपभोक्ताओं को जानकारी, शिकायत निवारण से सिर्फ 22 फीसद खुश

लगभग 70 फीसद उपभोक्ताओं को रियल्टी कानून RERA के बारे में जानकारी है और छह में से पांच घर खरीदार इस कानून के माध्यम से शिकायत का निवारण चाहते हैं। ओमिडयार नेटवर्क इंडिया और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप द्वारा बुधवार को जारी एक सर्वेक्षण में ये बातें सामने आई हैं। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायत निवारण प्रक्रिया के कार्यान्वयन में अभी भी कई रुकावटें हैं, क्योंकि 'शिकायत निवारण प्रक्रिया में शामिल केवल 22 फीसद उपभोक्ता अनिश्चित समयसीमा में शामिल होने के कारण संतुष्ट थे।' रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016, मार्च 2016 में संसद से पारित किया गया था।

Omidyar Network India (ONI) और Boston Consulting group (BCG) ने एक सर्वेक्षण रिपोर्ट - 'फाइव इयर्स ऑन: एन असेसमेंट ऑफ रेरा- द रोड अहेड फॉर ए स्ट्रॉन्गर ऑन-ग्राउंड रेजीम' शुरू की है, जो इसके प्रभाव का आकलन करती है।


इन राज्यों में हुआ सर्वे

यह रिपोर्ट महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और कर्नाटक के 1,300 से अधिक ग्राहकों, डेवलपर्स, नियामक प्राधिकरणों और चार्टर्ड एकाउंटेंट, इंजीनियरों और आर्किटेक्ट जैसे स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत पर आधारित है। सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि कानून ने होमबॉयर्स में एक विश्वास पैदा किया है।

70 फीसद उपभोक्ता


सर्वेक्षण में शामिल लगभग 70 फीसद उपभोक्ता रेरा के बारे में जानते हैं, लेकिन यह मुख्य लाभों तक सीमित है। रेरा की जानकारी रखने वालों में 71 फीसद कानून से संतुष्ट हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 76 फीसद उपभोक्ता जो रेरा के बारे में जानते थे, वे केवल रेरा-रजिस्टर्ड संपत्ति खरीदने की योजना बनाते हैं। छह में से पांच उपभोक्ता रेरा के माध्यम से निवारण चाहते हैं।

डेवलपर्स में सर्वेक्षण में शामिल 64 फीसद लोग रेरा प्राधिकरण से अत्यधिक संतुष्ट थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वेक्षण में शामिल 55 फीसद डेवलपर्स भी रेरा के कारण अधिक आसानी से कर्ज सुरक्षित करने में सक्षम थे।