जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे दूल्हे की थम गईं सांसे, चौंक जाएंगे मौत की वजह जानकर

जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे दूल्हे की थम गईं सांसे, चौंक जाएंगे मौत की वजह जानकर

जिंदगी की दूसरी पारी के लिए घर से खुशनुमा माहौल में निकला दूल्हा बने युवक की मंगलवार की देर रात सड़क हादसे में  मौत हो गई। घटना सिरदला थाना क्षेत्र के बागेशवरी मोड़ के पास हुई। मंगलवार को शादी के लिए रामचंद्र यादव का पुत्र महेश कुमार अपने स्वजनों के साथ चारपहिया वाहन से सिरदला थाना क्षेत्र के सांढ बरदहा के लिए निकला, जहां उसकी शादी उमेंश यादव की पुत्री से तय थी।

सभी खुशी-खुशी नई दुल्हन को लाने के लिए 35 किलोमीटर की सफर पर निकले। वाहन में दूल्हे के बहनोई रवि कुमार, सिरायम यादव सहित छह लोग खुशनुमा माहौल में मस्ती करते जा रहे थे। वहीं दुल्हन भी अपने होने वाले पिया के इंतजार में पलकें बिछाए थी पर होनी को कुछ और मंजूर था। 

गया-रजौली सड़क मार्ग के बारा मोड़ के पास दुसरे वाहन के द्वारा चकमा देने के कारण दूल्हा को लेकर जा रहा वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पटल गया। वहीं दूल्हा बने महेश की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके दोनों बहनोई को गंभीर चोट आयी। रात अधिक रहने के कारण घायलों को मदद देर से मिली। वहीं घटना के बाद दोनों सवजनों के बीच कोहराम मच गया।


15 जून को महेश का हुआ था तिलक समारोह

महेश का 15 जून को तिलक समरोह संपन्न हुआ था। वर पक्ष और बधू पक्ष की ओर शादी की तैयारी जोरदार ढंग से किया जा रहा था। पर किसे पता था कि शादी की शहनाई मातम में बदल जायेगी। घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच कोहराम मचा हुआ है। स्वजनों का रो रो के बुरा हाल है। वहीं घटना की सूचना जैसे ही बुधवार को क्षेत्र में फैली वैसे ही महेश के घर पर भारी भीड़ उमड पड़ी। सभी के बीच भगवान के इस क्रूर निर्णय को लेकर अफसोस है। फिलहाल महेश का भाई आर्मी में है। उसके आने के बाद ही निर्णय होगा कि शव का पोस्टमार्टम होगा या नहीं।


टाई बना मौत का कारण

वाहन में महेश अपने एक मित्र एवं बहनोई के साथ पिछले सीट पर बैठा था। उसका एक अन्य बहनोई वाहन के अगली सीट पर बैठा हुआ था। घटना में अगली सीट पर रहे रवि का जहां सिर फट गया, वहीं महेश के दोस्त को खरोच तक नहीं आया। महेश के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, वाहन पलटने के दौरान महेश का टाई वाहन के शीशे में अटक गया। जिसके कारण उसका गला जोर से दब गया। आशंका है कि महेश की मौत का गला दबने के कारण हुई।


डोभी-चतरा सड़क हादसे में आश्रितों को चेक देने पहुंचे अधिकारियों का हुआ झेलना पड़ा विरोध

डोभी-चतरा सड़क हादसे में आश्रितों को चेक देने पहुंचे अधिकारियों का हुआ झेलना पड़ा विरोध

गया जिले के अंतर्गत डोभी चतरा सड़क में 23 जुलाई को इनोवा और डंपर के बीच आमने-सामने हुई टक्कर में मौत के मुंह में समा गए गुरारू प्रखंड के तीन युवकों के आश्रितों को सरकारी सहायता राशि का चेक देने बुधवार को पीड़ितों के घर पहुंचे अधिकारियों का लोगों ने काफी देर से घटना के पांच दिन बाद आने के कारण जमकर विरोध किया। पीड़ित परिवारों ने उक्त अधिकारियों के हाथ से सहायता राशि का चेक लेने से इनकार कर दिया । जिससे अधिकारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

उक्त हादसे में कार में सवार सात युवकों की मौत हो गई थी। घटना में जान गंवाने वाले लोगों में गुरारु प्रख़ंड के तीन युवक गुरारु बाजार का पंकज कुमार उर्फ पूजा यादव, वरोरह गांव का संदीप यादव व कजरैला गांव का रामचंद्र यादव शामिल था। लेकिन, हादसे के पांच दिन बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा अनुमान्य व प्रखंड प्रशासन की ओर से मिलने वाली पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार व कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये की सहायता राशि मृतकों के आश्रितों को नहीं मिली।


बुधवार को दैनिक जागरण में प्रशासन की इस लापरवाही को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। जिसके बाद प्रशासन की टीम हरकत में आ गई। गुरारु के नवपदस्थापित सीओ संजीव कुमार त्रिवेदी व पुलिस पदाधिकारी छेदीलाल चौधरी ने वरोरह गांव पहूंच कर मृतक संदीप यादव के पिता शिव विजय यादव व कजरैला गांव पहूंच कर मृतक रामचंद्र यादय के भाई सह युवा राजद के प्रखंड अध्थक्ष बालेश्वर यादव से मिले।

अधिकारियों ने उक्त लोगों से पारिवारिक लाभ योजना की 20 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक लेने के लिए कहा। लेकिन पीड़ित, प्रशासन पर सहायता राशि देने में देरी करने व.बीडीओ के नहीं आने से नाराजगी की बात कह कर चेक लेने से इनकार कर दिया। जिसके बाद उक्त अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को समझाने का काफी प्रयास किया। अंततः उन्हें वापस लौटना पड़ा ।