हम बिहारी हैं साहब, जब ठान लें ना, तो पहाड़-वहाड़ सब को चीर देते हैं : पूर्व सीएम मांझी

हम बिहारी हैं साहब, जब ठान लें ना, तो पहाड़-वहाड़ सब को चीर देते हैं : पूर्व सीएम मांझी

संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की कठिन परीक्षा में देशभर में बिहार का परचम लहराने वाले शुभम कुमार (National Topper Shubham Kumar) को हर ओर से बधाई मिल रही है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्‍टी सीएम तारकिशोर प्रसाद समेत तमाम बड़े नेताओं ने भी इस लाल को शुभकामना दी है। पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी (Ex CM Jitan Ram Manjhi) ने अपने अलग अंदाज में इस टापर को बधाई दी है। अपने ट्वि‍टर हैंडल पर उन्‍होंने लिखा है कि हम बिहारी हैं साहेब, जब ठान लें ना तो पहाड़-वहाड़ सब चीर देते हैं, ई UPSC का चीज है। बिहार के लाल शुभम को बहुत-बहुत बधाई है। हमें फक्र है हमारे लाल शुभम और उनके माता-पिता पर।

भगवान राम पर बयान के बाद भी नहीं रुके मांझी 

भगवान राम पर बयान देकर पूर्व सीएम विवादों में घिरे हैं। उन्‍होंने कहा था कि वे राम को भगवान नहीं मानते। इस पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। कई अन्‍य दलों ने भी उनके बयानों की निंदा की है। हालांकि, हम के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष मांझी ने कहा कि वे अपने बयान पर कायम हैं। हालांकि मांंझी यहीं नहीं रुके। भगवान राम को काल्‍पनिक बताने के साथ रामायण को कहानी बताने के बाद उन्‍होंने कहा कि सवर्ण विदेशी हैं। उन्‍होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग मंदिर नहीं जाएं। कहा कि राक्षस तो अच्‍छे लोग थे। इन बयानों से भाजपा के कई नेता नाराज हैं। बहरहाल राजनीति से अलग उन्‍होंने यूपीएससी टापर को बधाई दी है। गौरतलब है कि कटिहार के रहने वाले बैंक प्रबंधक के पुत्र शुभम कुमार देशभर में पहले स्‍थान पर आए हैं। इनसे पूर्व आमिर सुबहानी, आलोक रंजन झा, सुनील कुमार ने यह कीर्तिमान स्‍थापित किया था। ऐसे में बिहारी मेधा ने लोहा मनवाया है। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने उन्‍हें बधाई भी ठेठ बिहारी शब्‍दों में दी है। 


भागलपुर में इस VIP इलाके में रहते हैं तो खुद रहें सतर्क, कभी भी लूटे जा सकते हैं आप, घर भी असुरक्षित

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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन लालबाग आवासीय परिसर की सुरक्षा को लेकर उदासीन बना हुआ है। नौ अक्टूबर की रात पीजी इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राधिक मिश्रा से लूट के बाद भी लालबाग की सुरक्षा ताक पर है। 13 दिन बीत जाने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। इस कारण दोबारा किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। परिसर के सुरक्षा फाइलों में हो रही है।


प्रवेश द्वार पर बेरोकटोक आवाजाही

घटना के इतने दिन बाद कई बार अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया। मुख्य द्वार पर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में गार्ड के तैनाती की बात हुई। दो दिनों तक गार्ड की मौजूदगी रही, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो गई है। मुख्य द्वार लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा हुआ है।

क्वार्टर का ग्रिल और गेट तक बदमाशों ने बेच डाला

लालबाग के क्वार्टर नंबर 19 की बुरी हालत है। एक शिक्षक के क्वार्टर खाली करने के बाद बदमाशों ने आवास का ग्रिल से लेकर दरवाजा तो चोरी कर बेच दिया, किंतु लालबाग की सुरक्षा में तैनात गार्डों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसकी कई बार मौखिक सूचना प्राक्टर डा. रतन मंडल को भी दी गई, किंतु इस पर कोई सुध नहीं ली।


जर्जर क्वार्टर में बदमाशों की होती है अड्डेबाजी

परिसर में रहने वाले शिक्षकों ने बताया कि खाली क्वार्टर में स्थानीय कुछ असामाजिक तत्व जुआ खेलते हुए नशा करते हैं। उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। जब शिक्षक गार्ड को बदमाशों को खदेडऩे की बात कहते हैं तो वे भी भय के कारण बदमाशों से उलझना नहीं चाहते हैं। विवि प्रशासन भी ऐसे मामलों में रूचि नहीं लेती है।

अवैध तरीके से रखे जाते हैं लोग

असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ लूट की घटना के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक संदिग्ध नौकरानी को एक शिक्षिका ने अवैध तरीके से क्वार्टर में जगह दी है। उस शिक्षका को कुलसचिव ने ऐसा करने के लिए चेतावनी भी दी थी। हालांकि शिक्षिका ने कहा था कि कई बार उसे खाली करने को कहा था, ङ्क्षकतु वह खाली नहीं कर रही है।

एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते


परिसर में प्रवेश के लिए एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते बने हुए हैं। जगह-जगह चाहरदीवारी टूटी हुई है। इसकी मरम्मती के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन फाइलों में ही निर्देश और योजनाएं बनती रही, ङ्क्षकतु स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दिन भर मनचलों का लगा रहता आना-जाना

परिसर में दिन भर मनचलों का आना-जाना लगा रहता है। वे लहरियाकट स्टाइल में बाइक लेकर मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करते हैं और गल्र्स हास्टल के मुख्य रास्ते से बाइक लेकर वापस बाहर निकल जाते हैं। इस बीच कई बार छात्राएं छेडख़ानी की भी शिकार हुई हैं। इसकी शिकायत विवि प्रशासन को भी हुई है, ङ्क्षकतु उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।


टीएमबीयू की हर स्थिति पर नजर है। जो लोग जवाबदेही से भाग रहे हैं, उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवासीय परिसर और वहां रहने वाले शिक्षकों और छात्राओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। अगले हफ्ते आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा के बाद कड़े निर्णय लिए जाएंगे।