रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर, बिहार में सात जोड़ी ट्रेनों का परिचालन 24 से होगा शुरू

रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर, बिहार में सात जोड़ी ट्रेनों का परिचालन 24 से होगा शुरू

यात्रियोंं की सुविधा को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों से चलने वाली सात जोड़ी ट्रेनों का परिचालन फिर से बहाल करने का निर्णय लिया गया है। इन ट्रेनों का परिचालन कोरोना संक्रमण के कारण रद कर दिया गया था। पटना-भभुआ, मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज सहित अन्य ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। यह व्यवस्था 24 जून से लागू हो जाएगी।

पुनर्बहाल की जाने वाली स्पेशल ट्रेनें 

- 05215-05216 मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज स्पेशल ट्रेन 24 जून से प्रतिदिन।

- 03243-44 पटना-भभुआ रोड-पटना (वाया गया) स्पेशल 24 जून से प्रतिदिन किया जाएगा।  

-03249-50 पटना-भभुआ रोड-पटना (वाया आरा) स्पेशल 24 जून से प्रतिदिन।

- 03234-35 दानापुर-राजगीर स्पेशल 24 जून से प्रतिदिन।

-03303-04 धनबाद-रांची स्पेशल 24 जून से प्रतिदिन।

- 03388-87 धनबाद-हावड़ा स्पेशल 24 जून से प्रतिदिन। 


- 03320-19 रांची-देवघर स्पेशल 24 जून से 30 जून तक प्रतिदिन। 

- 03305-06 धनबाद-गया इंटरसिटी एक्सप्रेस स्पेशल का मार्ग विस्तार डेहरी-आन-सोन तक करते हुए 24 जून से प्रतिदिन चलेगी।

पूर्व मध्य रेल के विकास में  यूनियन की भूमिका महत्वपूर्ण

जागरण संवाददाता, पटना : पूर्व मध्य रेल मुख्यालय में महाप्रंबधक ललित चंद्र त्रिवेदी की अध्यक्षता में ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इसमें कर्मचारी कल्याण से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। महाप्रबंधक ने कहा कि पूर्व मध्य रेल के विकास में यूनियन की भूमिका महत्वपूर्ण है। किसी भी संस्था के विकास में कर्मचारियों की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है। यूनियन के कोषाध्यक्ष  ओमप्रकाश शर्मा की काव्य संग्रह 'प्रतीक्षा के स्वर' का विमोचन भी किया गया। बैठक में प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी जेकेपी सिंह समेत अन्य उ'चाधिकारी मौजूद थे। महाप्रबंधक ने कहा कि हम यूनियन के पदाधिकारियों और रेलकर्मियों की बातों को काफी गंंभीरता से लेते हैं। कर्मचारियों की मदद से ही माल लदान, समय पालन आदि के क्षेत्रों मे काफी प्रगति की है। महाप्रबंधक ने कहा कि रेल प्रशासन कर्मचारी कल्याण एवं कर्मचारी हित के लिए संकल्पित रहा है। इसमें कर्मचारी संगठनों का भरपूर सहयोग मिलता रहा है। यूनियन की पहल पर प्लेटफार्म उपलब्ध कराते हुए पटना से आने वाले रेलकर्मियों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने में महाप्रबंधक भूमिका सराहनीय रही है। 


डोभी-चतरा सड़क हादसे में आश्रितों को चेक देने पहुंचे अधिकारियों का हुआ झेलना पड़ा विरोध

डोभी-चतरा सड़क हादसे में आश्रितों को चेक देने पहुंचे अधिकारियों का हुआ झेलना पड़ा विरोध

गया जिले के अंतर्गत डोभी चतरा सड़क में 23 जुलाई को इनोवा और डंपर के बीच आमने-सामने हुई टक्कर में मौत के मुंह में समा गए गुरारू प्रखंड के तीन युवकों के आश्रितों को सरकारी सहायता राशि का चेक देने बुधवार को पीड़ितों के घर पहुंचे अधिकारियों का लोगों ने काफी देर से घटना के पांच दिन बाद आने के कारण जमकर विरोध किया। पीड़ित परिवारों ने उक्त अधिकारियों के हाथ से सहायता राशि का चेक लेने से इनकार कर दिया । जिससे अधिकारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

उक्त हादसे में कार में सवार सात युवकों की मौत हो गई थी। घटना में जान गंवाने वाले लोगों में गुरारु प्रख़ंड के तीन युवक गुरारु बाजार का पंकज कुमार उर्फ पूजा यादव, वरोरह गांव का संदीप यादव व कजरैला गांव का रामचंद्र यादव शामिल था। लेकिन, हादसे के पांच दिन बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा अनुमान्य व प्रखंड प्रशासन की ओर से मिलने वाली पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार व कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये की सहायता राशि मृतकों के आश्रितों को नहीं मिली।


बुधवार को दैनिक जागरण में प्रशासन की इस लापरवाही को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। जिसके बाद प्रशासन की टीम हरकत में आ गई। गुरारु के नवपदस्थापित सीओ संजीव कुमार त्रिवेदी व पुलिस पदाधिकारी छेदीलाल चौधरी ने वरोरह गांव पहूंच कर मृतक संदीप यादव के पिता शिव विजय यादव व कजरैला गांव पहूंच कर मृतक रामचंद्र यादय के भाई सह युवा राजद के प्रखंड अध्थक्ष बालेश्वर यादव से मिले।

अधिकारियों ने उक्त लोगों से पारिवारिक लाभ योजना की 20 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक लेने के लिए कहा। लेकिन पीड़ित, प्रशासन पर सहायता राशि देने में देरी करने व.बीडीओ के नहीं आने से नाराजगी की बात कह कर चेक लेने से इनकार कर दिया। जिसके बाद उक्त अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को समझाने का काफी प्रयास किया। अंततः उन्हें वापस लौटना पड़ा ।