बिहार में लालू के साथ जाएंगे मोदी के हनुमान, MLC चुनाव में चिराग को RJD से आधा दर्जन सीटों का आफर

बिहार में लालू के साथ जाएंगे मोदी के हनुमान, MLC चुनाव में चिराग को RJD से आधा दर्जन सीटों का आफर

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्‍थापक चिराग पासवान (Chirag Paswan) का राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मोहभंग होता दिख रहा है। वे जल्‍द ही एनडीए से बाहर जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि खुद को कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान (Hanuman of PM Narendra Modi) बाताने वाले चिराग पासवान अब राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के साथ जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह चिराग का बड़ा राजनीतिक यू-टर्न होगा। सूत्रों की मानें तो चिराग पासवान को आरजेडी ने बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर होने जा रहे चुनाव (Bihar MLC Election) में करीब आधा दर्जन सीटों का आफर दिया है।


बिहार में बीजेपी व नीतीश को कमजोर करना चाहते हैं लालू

मिली जानकारी के अनुसार लालू प्रसाद यादव बिहार में बीजेपी तथा मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को कमजोर करने की रणनीति के तहत चिराग पासवान को अपने पाले में करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि चिराग की पार्टी आरजेडी से गठबंधन कर विधान परिषद का चुनाव लड़े। सूत्र बताते हैं कि इस मामले में आरजेडी व एलजेपी (रामविलास) के प्रदेश स्तरीय नेता संपर्क में हैं। चिराग की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और संसदीय दल के अध्यक्ष हुलास पांडेय आरजेडी से बातचीत कर रहे हैं।


आरजेडी का नाम लिए बिना गठबंधन की बातचीत को माना

इस बातचीत के संबंध में दोनों दलों के नेता बोलने से परहेज कर रहे हैं। चिराग की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने इतना जरूर कहा है कि गठबंधन के लिए बातचीत चल रही है, लेकिन यह बातचीत किस दल के साथ चल रही है, उन्होंने नहीं बताया। इसके पहले बीते 13 नवंबर को पटना में चिराग पासवान ने कहा था कि आगामी चुनाव वे गठबंधन के तहत लड़ेंगे। तब माना गया था कि उनका इशारा विधान परिषद चुनाव की ओर था। हालांकि, चिराग ने तब गठबंधन के दल की ओर इशारा नहीं किया था।

पार्टी स्थापना दिवस के अवसर पर घोषणा कर सकते हैं चिराग

माना जा रहा है कि चिराग पासवान 28 नवंबर को पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर पटना में गठबंधन की घोषणा कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह चिराग का बड़ा राजनीतिक कदम होगा। खुद को प्रधानमंत्री का करीबी व उन्‍हें राम कहते हुए खुद को उनका हनुमान बताते रहे चिराग पासवान का यह कदम उनका बड़ा राजनीतिक यू-टर्न होगा।


बिहार में निजी विश्‍वविद्यालय खोलना और आसान, तकनीकी आयोग में सदस्य बनने पर भी रियायत

बिहार में निजी विश्‍वविद्यालय खोलना और आसान, तकनीकी आयोग में सदस्य बनने पर भी रियायत

बिहार सरकार ने मंगलवार को संशोधन विधेयकों के जरिए निजी विश्वविद्यालयों के निर्माण के लिए अधिक समय देने का फैसला किया है। दूसरे विधेयक में प्रविधान किया गया है कि तकनीकी सेवा आयोग के सदस्य के 70 साल की उम्र तक पद पर बने रहेंगे। दोनों विधेयक ध्वनिमत से मंजूर हो गए। विपक्ष के सभी संशोधन प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। बिहार तकनीकी सेवा आयोग संशोधन विधेयक 2021 ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पेश किया। उन्होंने सदन को बताया कि संशोधन के जरिए आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के मनोनयन और उम्र सीमा के बारे में पहले से जारी व्यवस्था में कुछ सुधार किया गया है। पहले अधिकतम उम्र सीमा 62 वर्ष तक निर्धारित थी। संशोधन के बाद आयोग के सदस्य 70 की उम्र तक काम कर सकेंगे। अध्यक्ष के अचानक अवकाश ग्रहण करने की स्थिति में वरीय सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने का प्रविधान भी इस विधेयक में किया गया है।

बेहतर डाक्टर बहाल होंगे

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि तकनीकी सेवा आयोग में डाक्टरों को भी सदस्य के तौर पर शामिल किया जाता है। अगर उम्र सीमा अधिक रहेगी तो अनुभवी डाक्टरों की सेवा सदस्य के तौर पर ली जा सकेगी। ये सरकारी अस्पतालों के लिए योग्य डाक्टरों का चयन करेंगे। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2021 पेश किया। विधेयक में संशोधन के बाद राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की नियमावली में बदलाव किया गया है। मूल विधेयक में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए संचालक को दो साल और दो साल के अवधि विस्तार के जरिए अधिकतम चार साल का समय दिया गया था।

कोर्स के लिए अलग आदेश जारी होगा

संशोधन के बाद इस समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। चार साल के बदले समय सीमा के लिए यथोचित शब्द का प्रयोग किया गया है। यानी निजी विवि को जरूरत के अनुसार अवधि विस्तार मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समय सीमा सिर्फ आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए है। कोर्स शुरू करने के लिए सरकार अलग से आदेश जारी करेगी। उन्होंने विधायक अख्तरूल इमाम की आशंका को खारिज किया कि नए विश्वविद्यालय मनमर्जी से शुल्क का निर्धारण करेंगे। गरीब छात्र-छात्राओं को इनका लाभ नहीं मिलेगा। कांग्रेस के अजित शर्मा, राजद के ललित यादव एवं समीर कुमार महासेठ ने अपने संशोधन में कहा था कि निजी विवि को निर्माण के लिए अनंतकाल का समय नहीं दिया जा सकता है।