लालू प्रसाद यादव आज आएंगे बिहार, अब पटना में और वजनदार दिखेगी RJD की 'लालटेन'

लालू प्रसाद यादव आज आएंगे बिहार, अब पटना में और वजनदार दिखेगी RJD की 'लालटेन'

राजद की लालटेन का वजन बढ़ने वाला है, वह भी मामूली नहीं, बल्‍क‍ि छह टन। जी जां, छह टन। इसे उठाने के लिए हाथ नहीं, क्रेन की जरूरत पड़ेगी। यह वजनदार लालटेन बिहार की राजधानी पटना में जल्‍द ही दिखेगी। राजद के प्रदेश कार्यालय में छह टन की लालटेन लगाने का काम लगभग पूरा हो गया है। इस लालटेन को अब पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद का इंतजार है। उद्घाटन की सारी तैयारी कर ली गई है। सोमवार की शाम लालू दिल्ली से पटना पहुंच रहे हैं। मंगलवार को सीबीआइ की विशेष अदालत में उन्हें पेश होना है। माना जा रहा है कि अगले दिन राजद कार्यालय में लगी लालटेन का वह उद्घाटन कर सकते हैं। लालटेन राजद का चुनाव चिह्न भी है।


राजद कार्यालय में डेढ़ महीने से चल रही लालटेन को लगाने की तैयारी

राजद कार्यालय में इसे लगाने की तैयारी पिछले डेढ़ महीने से की जा रही है। अब कार्यालय को पर्दा से घेरकर असेंबल किया जा रहा है। मुख्य गेट पर ताला भी डाल दिया गया है, ताकि किसी बाहरी का आना-जाना न हो सके। कहा जा रहा है कि उद्घाटन के वक्त ही पर्दा और ताला खुलेगा। राजस्थान से खास तौर पर मंगाई गई छह फीट ऊंची इस लालटेन की खासियत है कि दिन-रात जलेगी। ईंधन के रूप में गैस का इस्तेमाल होगा।

लालटेन को स्‍वचालित तरीके से होती रहेगी गैस की सप्‍लाई

इसमें व्यवस्था ऐसी की गई है कि बुझने से पहले लालटेन में गैस अपने आप भर जाएगी। इसे अलग-अलग हिस्सों में राजस्थान से मंगाया गया है। कार्यालय परिसर में मुख्य भवन के सामने लगाने की तैयारी है, ताकि बाहर से आने वाले कार्यकर्ता इसे देख सकें। इसके लिए एक चबूतरा तैयार किया गया है। इस लालटेन का अनावरण समारोहपूर्वक करने की तैयारी है। इसे देखते हुए पार्टी कार्यालय में तैयारी जोर-शोर से चल रही है।


बिहार में निजी विश्‍वविद्यालय खोलना और आसान, तकनीकी आयोग में सदस्य बनने पर भी रियायत

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बिहार सरकार ने मंगलवार को संशोधन विधेयकों के जरिए निजी विश्वविद्यालयों के निर्माण के लिए अधिक समय देने का फैसला किया है। दूसरे विधेयक में प्रविधान किया गया है कि तकनीकी सेवा आयोग के सदस्य के 70 साल की उम्र तक पद पर बने रहेंगे। दोनों विधेयक ध्वनिमत से मंजूर हो गए। विपक्ष के सभी संशोधन प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। बिहार तकनीकी सेवा आयोग संशोधन विधेयक 2021 ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पेश किया। उन्होंने सदन को बताया कि संशोधन के जरिए आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के मनोनयन और उम्र सीमा के बारे में पहले से जारी व्यवस्था में कुछ सुधार किया गया है। पहले अधिकतम उम्र सीमा 62 वर्ष तक निर्धारित थी। संशोधन के बाद आयोग के सदस्य 70 की उम्र तक काम कर सकेंगे। अध्यक्ष के अचानक अवकाश ग्रहण करने की स्थिति में वरीय सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने का प्रविधान भी इस विधेयक में किया गया है।

बेहतर डाक्टर बहाल होंगे

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि तकनीकी सेवा आयोग में डाक्टरों को भी सदस्य के तौर पर शामिल किया जाता है। अगर उम्र सीमा अधिक रहेगी तो अनुभवी डाक्टरों की सेवा सदस्य के तौर पर ली जा सकेगी। ये सरकारी अस्पतालों के लिए योग्य डाक्टरों का चयन करेंगे। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2021 पेश किया। विधेयक में संशोधन के बाद राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की नियमावली में बदलाव किया गया है। मूल विधेयक में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए संचालक को दो साल और दो साल के अवधि विस्तार के जरिए अधिकतम चार साल का समय दिया गया था।

कोर्स के लिए अलग आदेश जारी होगा

संशोधन के बाद इस समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। चार साल के बदले समय सीमा के लिए यथोचित शब्द का प्रयोग किया गया है। यानी निजी विवि को जरूरत के अनुसार अवधि विस्तार मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समय सीमा सिर्फ आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए है। कोर्स शुरू करने के लिए सरकार अलग से आदेश जारी करेगी। उन्होंने विधायक अख्तरूल इमाम की आशंका को खारिज किया कि नए विश्वविद्यालय मनमर्जी से शुल्क का निर्धारण करेंगे। गरीब छात्र-छात्राओं को इनका लाभ नहीं मिलेगा। कांग्रेस के अजित शर्मा, राजद के ललित यादव एवं समीर कुमार महासेठ ने अपने संशोधन में कहा था कि निजी विवि को निर्माण के लिए अनंतकाल का समय नहीं दिया जा सकता है।