देवर और भाभी ने बंद कमरे में जहर खाकर की खुदकुशी, मोटिव की तलाश में जुटी नालंदा पुलिस

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जिले में देवर और भाभी ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। दोनों की आत्महत्या को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वेन थाना के दवाई बिगहा गांव में 20 वर्षीय ललित राउत और उसके बड़े भाई रौशन राउत की पत्नी ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। देवर भाभी की आत्महत्या को लेकर स्वजनों ने कुछ भी कहने से बच रहे हैं। लेकिन गांव वालों के इस बात की चर्चा तेज हैं कि देवर और भाभी के बीच गलत संबंध था और इसको लेकर ही ये घटना घटी है। 

घरवालों के विरोध करने पर की खुदकुशी

देवर और भाभी के खुदकुशी के बाद घर में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि ललित राउत और उसका बड़ा भाई महाराष्ट्र के पुणे में रहकर नौकरी करते हैं। ललित राउत के बड़े भाई की शादी डेढ़ साल पहले हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही ललित राउत और उसकी भाभी के बीच बातचीत शुरू हो गई। घर के आसपास के लोगों का कहना है कि छोटा भाई ललित राउत अक्सर भाई पुणे से गांव आ जाता था। भाई की गैरमौजूदगी में ललित राउत की भाभी से नजदीकी को लेकर घर वाले अक्सर विरोध करते थे। घर वालों के विरोध के बाद बुधवार को ललित राउत ने पहले खुद जहर खा लिया फिर अपनी भाभी को जहर खाने के लिए दे दिया। दोनों की तबियत खराब होने पर इलाज के लिए विम्स पावापुरी ले गए। लेकिन अस्पताल में दोनों ने दम तोड़ दिया। 


जांच में जुटी पुलिस

देवर और भाभी के जहर खाकर सुसाइड करने की बात तेजी से गांव में फैल गई। दोनों की मौत के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि देवर भाभी के बीच का मामला है। पुलिस इस मामले में हर बिन्दु पर जांच कर रही है। जांच के बाद पूरी जानकारी मिल पाएगी। 


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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन लालबाग आवासीय परिसर की सुरक्षा को लेकर उदासीन बना हुआ है। नौ अक्टूबर की रात पीजी इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राधिक मिश्रा से लूट के बाद भी लालबाग की सुरक्षा ताक पर है। 13 दिन बीत जाने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। इस कारण दोबारा किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। परिसर के सुरक्षा फाइलों में हो रही है।


प्रवेश द्वार पर बेरोकटोक आवाजाही

घटना के इतने दिन बाद कई बार अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया। मुख्य द्वार पर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में गार्ड के तैनाती की बात हुई। दो दिनों तक गार्ड की मौजूदगी रही, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो गई है। मुख्य द्वार लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा हुआ है।

क्वार्टर का ग्रिल और गेट तक बदमाशों ने बेच डाला

लालबाग के क्वार्टर नंबर 19 की बुरी हालत है। एक शिक्षक के क्वार्टर खाली करने के बाद बदमाशों ने आवास का ग्रिल से लेकर दरवाजा तो चोरी कर बेच दिया, किंतु लालबाग की सुरक्षा में तैनात गार्डों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसकी कई बार मौखिक सूचना प्राक्टर डा. रतन मंडल को भी दी गई, किंतु इस पर कोई सुध नहीं ली।


जर्जर क्वार्टर में बदमाशों की होती है अड्डेबाजी

परिसर में रहने वाले शिक्षकों ने बताया कि खाली क्वार्टर में स्थानीय कुछ असामाजिक तत्व जुआ खेलते हुए नशा करते हैं। उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। जब शिक्षक गार्ड को बदमाशों को खदेडऩे की बात कहते हैं तो वे भी भय के कारण बदमाशों से उलझना नहीं चाहते हैं। विवि प्रशासन भी ऐसे मामलों में रूचि नहीं लेती है।

अवैध तरीके से रखे जाते हैं लोग

असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ लूट की घटना के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक संदिग्ध नौकरानी को एक शिक्षिका ने अवैध तरीके से क्वार्टर में जगह दी है। उस शिक्षका को कुलसचिव ने ऐसा करने के लिए चेतावनी भी दी थी। हालांकि शिक्षिका ने कहा था कि कई बार उसे खाली करने को कहा था, ङ्क्षकतु वह खाली नहीं कर रही है।

एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते


परिसर में प्रवेश के लिए एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते बने हुए हैं। जगह-जगह चाहरदीवारी टूटी हुई है। इसकी मरम्मती के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन फाइलों में ही निर्देश और योजनाएं बनती रही, ङ्क्षकतु स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दिन भर मनचलों का लगा रहता आना-जाना

परिसर में दिन भर मनचलों का आना-जाना लगा रहता है। वे लहरियाकट स्टाइल में बाइक लेकर मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करते हैं और गल्र्स हास्टल के मुख्य रास्ते से बाइक लेकर वापस बाहर निकल जाते हैं। इस बीच कई बार छात्राएं छेडख़ानी की भी शिकार हुई हैं। इसकी शिकायत विवि प्रशासन को भी हुई है, ङ्क्षकतु उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।


टीएमबीयू की हर स्थिति पर नजर है। जो लोग जवाबदेही से भाग रहे हैं, उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवासीय परिसर और वहां रहने वाले शिक्षकों और छात्राओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। अगले हफ्ते आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा के बाद कड़े निर्णय लिए जाएंगे।