आंधी-तूफान से धराशाई हो गए मिट्टी और फूस के बने गई घर, नवादा में पेड़-पौधों को भी पहुंचा नुकसान

आंधी-तूफान से धराशाई हो गए मिट्टी और फूस के बने गई घर, नवादा में पेड़-पौधों को भी पहुंचा नुकसान

सोमवार की शाम आई आंधी-तूफान में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कई पेड़ -पौधे एवं कच्चे मकान धराशाई हो गए। बताया जाता है कि नगर परिषद के नरहट रोड स्थित सुमित्रा नर्सिंग होम के निकट शीशम का एक बड़ा पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से नरहट रोड में आवागमन घंटों बाधित रहा। जानकारी मिलने पर पर नगर परिषद के कर्मी द्वारा शीशम पेड़ को सड़क से हटाकर आवागमन को सामान्य बनाया गया।

वहीं, भूलन विगहा गांव में बुट्टा यादव का अमरूद का बड़ा पेड़ जड़ से उखड़ गया। ग्रामीण क्षेत्र में दोना, कैथिर,हदसा, बढौना आदि गांवों में भी आंधी एवं तूफान की चपेट में आने से आधा दर्जन से अधिक पेड़ जड़ से उखड़ गया।दर्जनों पेड़ की शाखाएं हवा के तेज रफ्तार के कारण टूट गया। प्रखंड के सिघौंली गांव में आंधी-तूफान एवं मूसलाधार बारिश के कारण अरूण चौधरी का कच्चा मकान ध्वस्त हो गया।

अरूण को अपने परिवार के साथ पड़ोसी की घर शरण लेना पड़ा। उन्होंने मंगलवार को अंचलाधिकारी नितेश कुमार को मुआवजे की मांग को लेकर आवेदन दिया। अरूण पति-पत्नी, दो बच्चे एवं अपनी मां के साथ पड़ोसी के घर में रहने को मजबूर है। उनका घर धराशायी होने से उन्हें करीब एक लाख रुपये का सामान नुकसान हुआ। घर में रखा अनाज घर गिरने से मिट्टी और पानी में मिलकर बर्बाद हो गया है।


डोभी-चतरा सड़क हादसे में आश्रितों को चेक देने पहुंचे अधिकारियों का हुआ झेलना पड़ा विरोध

डोभी-चतरा सड़क हादसे में आश्रितों को चेक देने पहुंचे अधिकारियों का हुआ झेलना पड़ा विरोध

गया जिले के अंतर्गत डोभी चतरा सड़क में 23 जुलाई को इनोवा और डंपर के बीच आमने-सामने हुई टक्कर में मौत के मुंह में समा गए गुरारू प्रखंड के तीन युवकों के आश्रितों को सरकारी सहायता राशि का चेक देने बुधवार को पीड़ितों के घर पहुंचे अधिकारियों का लोगों ने काफी देर से घटना के पांच दिन बाद आने के कारण जमकर विरोध किया। पीड़ित परिवारों ने उक्त अधिकारियों के हाथ से सहायता राशि का चेक लेने से इनकार कर दिया । जिससे अधिकारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

उक्त हादसे में कार में सवार सात युवकों की मौत हो गई थी। घटना में जान गंवाने वाले लोगों में गुरारु प्रख़ंड के तीन युवक गुरारु बाजार का पंकज कुमार उर्फ पूजा यादव, वरोरह गांव का संदीप यादव व कजरैला गांव का रामचंद्र यादव शामिल था। लेकिन, हादसे के पांच दिन बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा अनुमान्य व प्रखंड प्रशासन की ओर से मिलने वाली पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार व कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये की सहायता राशि मृतकों के आश्रितों को नहीं मिली।


बुधवार को दैनिक जागरण में प्रशासन की इस लापरवाही को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। जिसके बाद प्रशासन की टीम हरकत में आ गई। गुरारु के नवपदस्थापित सीओ संजीव कुमार त्रिवेदी व पुलिस पदाधिकारी छेदीलाल चौधरी ने वरोरह गांव पहूंच कर मृतक संदीप यादव के पिता शिव विजय यादव व कजरैला गांव पहूंच कर मृतक रामचंद्र यादय के भाई सह युवा राजद के प्रखंड अध्थक्ष बालेश्वर यादव से मिले।

अधिकारियों ने उक्त लोगों से पारिवारिक लाभ योजना की 20 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक लेने के लिए कहा। लेकिन पीड़ित, प्रशासन पर सहायता राशि देने में देरी करने व.बीडीओ के नहीं आने से नाराजगी की बात कह कर चेक लेने से इनकार कर दिया। जिसके बाद उक्त अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को समझाने का काफी प्रयास किया। अंततः उन्हें वापस लौटना पड़ा ।