बीएसएससी प्रथम इंटर स्तरीय मुख्य परीक्षा में बचे 1218 अभ्यर्थियों का 18 को लेगा एग्जाम

बीएसएससी प्रथम इंटर स्तरीय मुख्य परीक्षा में बचे 1218 अभ्यर्थियों का 18 को लेगा एग्जाम

बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) प्रथम इंटरस्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा के अंतर्गत मुख्य परीक्षा 18 अक्टूबर को दो पालियों में लेगा। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। यह परीक्षा उन 1218 अभ्यर्थियों की होगी जो 2016 में आवेदन के दौरान तकनीकी गलती के कारण गैर आरक्षित श्रेणी में शामिल कर लिए गए थे। परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://bssc.bihar.gov.in/NoticeBoard.htm से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग के सचिव ओम प्रकाश पाल ने बताया कि परीक्षा के परिणाम जारी होने के तुरंत बाद अल्प सूचना में ही टाइपिंग, शारीरिक दक्षता परीक्षा, आशुलेखन आदि परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऐसे में छात्रों को तैयार रहने की जरूरत है।

बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की प्रथम इंटरस्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा से 13,120 पदों पर नियुक्ति होनी थी। इग्जाम में पिछले महीने गड़बड़ी उजागर हुई थी।  2016 में दोबारा लिए गए आवेदन में तकनीकी गड़बड़ी से बिहार के छात्रों को भी अन्य राज्यों की आरक्षित श्रेणी में रखने के कारण उन्हें आरक्षण का फायदा नहीं मिला था। इससे अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में पास नहीं हुए और मेन इग्जाम की दौड़ से भी बाहर हो गए। प्रथम इंटरस्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा की काउंसिलिंग के लिए जब बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) ने रिजल्ट की समीक्षा कराई तो गड़बड़ी सामने आ गई। ऐसे में राज्य के रिजर्वेशन के लाभ के से 1218 छात्रों का प्रारंभिक परीक्षा में पास होना तय था, लेकिन दूसरे राज्य का अभ्यर्थी मान  इन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिला। इससे छात्र मुख्य परीक्षा नहीं दे सके।


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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन लालबाग आवासीय परिसर की सुरक्षा को लेकर उदासीन बना हुआ है। नौ अक्टूबर की रात पीजी इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राधिक मिश्रा से लूट के बाद भी लालबाग की सुरक्षा ताक पर है। 13 दिन बीत जाने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। इस कारण दोबारा किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। परिसर के सुरक्षा फाइलों में हो रही है।


प्रवेश द्वार पर बेरोकटोक आवाजाही

घटना के इतने दिन बाद कई बार अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया। मुख्य द्वार पर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में गार्ड के तैनाती की बात हुई। दो दिनों तक गार्ड की मौजूदगी रही, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो गई है। मुख्य द्वार लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा हुआ है।

क्वार्टर का ग्रिल और गेट तक बदमाशों ने बेच डाला

लालबाग के क्वार्टर नंबर 19 की बुरी हालत है। एक शिक्षक के क्वार्टर खाली करने के बाद बदमाशों ने आवास का ग्रिल से लेकर दरवाजा तो चोरी कर बेच दिया, किंतु लालबाग की सुरक्षा में तैनात गार्डों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसकी कई बार मौखिक सूचना प्राक्टर डा. रतन मंडल को भी दी गई, किंतु इस पर कोई सुध नहीं ली।


जर्जर क्वार्टर में बदमाशों की होती है अड्डेबाजी

परिसर में रहने वाले शिक्षकों ने बताया कि खाली क्वार्टर में स्थानीय कुछ असामाजिक तत्व जुआ खेलते हुए नशा करते हैं। उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। जब शिक्षक गार्ड को बदमाशों को खदेडऩे की बात कहते हैं तो वे भी भय के कारण बदमाशों से उलझना नहीं चाहते हैं। विवि प्रशासन भी ऐसे मामलों में रूचि नहीं लेती है।

अवैध तरीके से रखे जाते हैं लोग

असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ लूट की घटना के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक संदिग्ध नौकरानी को एक शिक्षिका ने अवैध तरीके से क्वार्टर में जगह दी है। उस शिक्षका को कुलसचिव ने ऐसा करने के लिए चेतावनी भी दी थी। हालांकि शिक्षिका ने कहा था कि कई बार उसे खाली करने को कहा था, ङ्क्षकतु वह खाली नहीं कर रही है।

एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते


परिसर में प्रवेश के लिए एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते बने हुए हैं। जगह-जगह चाहरदीवारी टूटी हुई है। इसकी मरम्मती के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन फाइलों में ही निर्देश और योजनाएं बनती रही, ङ्क्षकतु स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दिन भर मनचलों का लगा रहता आना-जाना

परिसर में दिन भर मनचलों का आना-जाना लगा रहता है। वे लहरियाकट स्टाइल में बाइक लेकर मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करते हैं और गल्र्स हास्टल के मुख्य रास्ते से बाइक लेकर वापस बाहर निकल जाते हैं। इस बीच कई बार छात्राएं छेडख़ानी की भी शिकार हुई हैं। इसकी शिकायत विवि प्रशासन को भी हुई है, ङ्क्षकतु उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।


टीएमबीयू की हर स्थिति पर नजर है। जो लोग जवाबदेही से भाग रहे हैं, उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवासीय परिसर और वहां रहने वाले शिक्षकों और छात्राओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। अगले हफ्ते आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा के बाद कड़े निर्णय लिए जाएंगे।