बिहार पुलिस के 387 दरोगा अकादमी की परीक्षा में फेल, पासिंग आउट परेड के बाद फील्‍ड में कर रहे ड्यूटी

बिहार पुलिस के 387 दरोगा अकादमी की परीक्षा में फेल, पासिंग आउट परेड के बाद फील्‍ड में कर रहे ड्यूटी

बिहार पुलिस अकादमी (Bihar Police Academy) से इस वक्‍त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आतंरिक परीक्षा में 387 दरोगा फेल कर गए हैं। पासिंग आउट परेड (Passing Out Parade) के बाद ये सभी बिहार के विभिन्‍न जिलों में सेवा दे रहे हैं। हैरानी की बात है कि इन में से कई ऐसे हैं, जिन्‍हें निदेशक की मूल्‍यांकन परीक्षा में शून्‍य अंक प्राप्‍त हुए हैं। फेल दरोगा (SI) काे पास करने के लिए दो और मौके मिलेंगे। यदि वे दो और मौकों में भी फेल हो गए तो उनकी नौकरी चली जाएगी। परीक्षा में फेल सभी दरोगा वर्तमान में प्रोबेशन पीरियड में हैं।

पास होने के लिए 50 फीसद अंक लाना अनिवार्य

सभी 2018 बैच के सब-इंस्‍पेक्‍टर हैं। इस बैच में 1581 अभ्‍यर्थियों का चयन हुआ था। 26 अगस्‍त को राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में पासिंग आउट परेड हुई थी, जिसमें मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) बतौर मुख्‍य अतिथि उपस्थिति थे। इसके बाद चयनित अभ्‍यर्थियों को प्रोबेशन सब-इंस्‍पेक्‍टर के तौर पर जिलों में तैनात किया गया था। अकादमी के उप महानिरीक्षक (DIG) प्राणतोष कुमार दास ने बताया कि विभिन्‍न विषयों में कुल 2300 नंबर की परीक्षा होती है। उत्तीर्ण होने के लिए अभ्‍यर्थियों को सभी विषयों में कम से कम 50 फीसद अंक लाना अनिवार्य है। कुल 387 अभ्‍यर्थी फेल हुए हैं, जो भर्ती की संख्‍या का लगभग 25 फीसद है। इनमें कुछ अनुपस्थित भी थे। निदेशक के मूल्‍यांकन में 10 अभ्‍यर्थियों को जीरो अंक भी मिले हैं। परीक्षा पास करने के बाद ही उन्‍हें सर्टिफिकेट दिया जाएगा।


इन जिलों में तैनात हैं ट्रेनी सब-इंस्‍पेक्‍टर

बिहार पुलिस अकादमी से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेनी सब-इंस्‍पेक्‍टरों की तैनाती लगभग सभी 38 जिलों में की गई है। पटना में 71, मुजफ्फरपुर में 91, भागलपुर में 70, रोहतास में 49, गया में 37 और औरंगाबाद में 19 ट्रेनी सब-इंस्‍पेक्‍टर सेवा दे रहे हैं। इसी तरह सारण में 79, सिवान में 61, वैशाली में 55, समस्‍तीपुर में 53, दरभंगा में 48, बेतिया में 46, मधुबनी में 40, मोतिहारी में 44, खगडि़या व पूर्णिया में 37-37, किशनगंज व बक्‍सर में 36-36, बेगूसराय व कटिहार में 35-35, जमुई में 34, नालंदा में 32, मुंगेर में 27, नौगछिया में 25, बगहा व अरवल में 24-24, नवादा में 22, लखीसराय में 17, शिवहर में 15, शेखपुरा में 13 और जहानाबाद में 11 प्रशिक्षु दरोगा सेवारत हैं।


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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन लालबाग आवासीय परिसर की सुरक्षा को लेकर उदासीन बना हुआ है। नौ अक्टूबर की रात पीजी इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राधिक मिश्रा से लूट के बाद भी लालबाग की सुरक्षा ताक पर है। 13 दिन बीत जाने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। इस कारण दोबारा किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। परिसर के सुरक्षा फाइलों में हो रही है।


प्रवेश द्वार पर बेरोकटोक आवाजाही

घटना के इतने दिन बाद कई बार अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया। मुख्य द्वार पर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में गार्ड के तैनाती की बात हुई। दो दिनों तक गार्ड की मौजूदगी रही, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो गई है। मुख्य द्वार लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा हुआ है।

क्वार्टर का ग्रिल और गेट तक बदमाशों ने बेच डाला

लालबाग के क्वार्टर नंबर 19 की बुरी हालत है। एक शिक्षक के क्वार्टर खाली करने के बाद बदमाशों ने आवास का ग्रिल से लेकर दरवाजा तो चोरी कर बेच दिया, किंतु लालबाग की सुरक्षा में तैनात गार्डों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसकी कई बार मौखिक सूचना प्राक्टर डा. रतन मंडल को भी दी गई, किंतु इस पर कोई सुध नहीं ली।


जर्जर क्वार्टर में बदमाशों की होती है अड्डेबाजी

परिसर में रहने वाले शिक्षकों ने बताया कि खाली क्वार्टर में स्थानीय कुछ असामाजिक तत्व जुआ खेलते हुए नशा करते हैं। उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। जब शिक्षक गार्ड को बदमाशों को खदेडऩे की बात कहते हैं तो वे भी भय के कारण बदमाशों से उलझना नहीं चाहते हैं। विवि प्रशासन भी ऐसे मामलों में रूचि नहीं लेती है।

अवैध तरीके से रखे जाते हैं लोग

असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ लूट की घटना के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक संदिग्ध नौकरानी को एक शिक्षिका ने अवैध तरीके से क्वार्टर में जगह दी है। उस शिक्षका को कुलसचिव ने ऐसा करने के लिए चेतावनी भी दी थी। हालांकि शिक्षिका ने कहा था कि कई बार उसे खाली करने को कहा था, ङ्क्षकतु वह खाली नहीं कर रही है।

एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते


परिसर में प्रवेश के लिए एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते बने हुए हैं। जगह-जगह चाहरदीवारी टूटी हुई है। इसकी मरम्मती के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन फाइलों में ही निर्देश और योजनाएं बनती रही, ङ्क्षकतु स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दिन भर मनचलों का लगा रहता आना-जाना

परिसर में दिन भर मनचलों का आना-जाना लगा रहता है। वे लहरियाकट स्टाइल में बाइक लेकर मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करते हैं और गल्र्स हास्टल के मुख्य रास्ते से बाइक लेकर वापस बाहर निकल जाते हैं। इस बीच कई बार छात्राएं छेडख़ानी की भी शिकार हुई हैं। इसकी शिकायत विवि प्रशासन को भी हुई है, ङ्क्षकतु उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।


टीएमबीयू की हर स्थिति पर नजर है। जो लोग जवाबदेही से भाग रहे हैं, उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवासीय परिसर और वहां रहने वाले शिक्षकों और छात्राओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। अगले हफ्ते आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा के बाद कड़े निर्णय लिए जाएंगे।